12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स | paramedical courses after 12th in Hindi

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By Dharmendra Kumar

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क्या आप चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं लेकिन डॉक्टर बनने में 10-12 साल नहीं लगाना चाहते? पैरामेडिकल कोर्स आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकते हैं! ये जॉब-ओरिएंटेड प्रोग्राम आपको स्वास्थ्य सेवा उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करते हैं. पैरामेडिकल पेशेवर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के साथ मिलकर रोगियों का निदान, उपचार और देखभाल करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

Table of Contents

पैरामेडिकल कोर्सेस के बारे में – About Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल कोर्सेस के बारे में

About Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल कोर्सेस स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के करियर विकल्प प्रदान करते हैं। ये कोर्स 10वीं या 12वीं के बाद किए जा सकते हैं और इनकी अवधि कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक होती है। पैरामेडिकल कोर्सेस में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, और नर्सिंग जैसे विषयों को पढ़ाया जाता है।

इन कोर्सेस को करने के बाद, छात्र अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, और रिसर्च सेंटर में विभिन्न पदों पर काम कर सकते हैं। कुछ लोकप्रिय पैरामेडिकल कोर्सेस में शामिल हैं

  • नर्सिंग– नर्स रोगियों की देखभाल करते हैं, दवाएं देते हैं, और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करते हैं।
  • फार्मासिस्ट– फार्मासिस्ट दवाओं के बारे में जानकारी देते हैं, प्रिस्क्रिप्शन भरते हैं, और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में सलाह देते हैं।
  • लैब टेक्नीशियन- लैब टेक्नीशियन रक्त, ऊतक, और अन्य नमूनों के परीक्षण करते हैं।
  • रेडियोलॉजिस्ट– रेडियोलॉजिस्ट एक्स-रे, सीटी स्कैन, और एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके रोगों का निदान करते हैं।
  • पैरामेडिक- पैरामेडिक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं और घायल या बीमार लोगों को अस्पताल ले जाते हैं।

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पैरामेडिकल कोर्स क्या है (paramedical courses kya hai) – What is Paramedical Course in hindi

What is Paramedical Course in hindi

पैरामेडिकल कोर्स स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डॉक्टरों और नर्सों के सहायक के रूप में काम करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये कोर्स 10वीं या 12वीं के बाद किए जा सकते हैं और इनकी अवधि कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक होती है। पैरामेडिकल कोर्सेस में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, और नर्सिंग जैसे विषयों को पढ़ाया जाता है।

इन कोर्सेस को करने के बाद, छात्र अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, और रिसर्च सेंटर में विभिन्न पदों पर काम कर सकते हैं। पैरामेडिकल पेशेवर मरीजों की देखभाल करने, दवाएं देने, टेस्ट करने, और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पैरामेडिकल कोर्स उन छात्रों के लिए एक अच्छा विकल्प हैं जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन डॉक्टर बनने के लिए 10-12 साल का लंबा अध्ययन नहीं करना चाहते हैं। ये कोर्स अपेक्षाकृत कम समय में पूरे किए जा सकते हैं और अच्छी नौकरी के अवसर प्रदान करते हैं।

पैरामेडिकल कोर्स के विभिन्न प्रकार – Different Types of Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल कोर्स के विभिन्न प्रकार

Different Types of Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं, जो छात्रों को स्वास्थ्य सेवा उद्योग में विभिन्न भूमिकाओं के लिए तैयार करते हैं। इनमें से कुछ लोकप्रिय कोर्स निम्नलिखित हैं

  • 1. नर्सिंग– नर्सिंग पैरामेडिकल का सबसे लोकप्रिय क्षेत्र है। नर्स रोगियों की देखभाल करते हैं, दवाएं देते हैं, और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करते हैं। वे अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, और अन्य स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में काम कर सकते हैं।
  • 2. फार्मासिस्ट- फार्मासिस्ट दवाओं के बारे में जानकारी देते हैं, प्रिस्क्रिप्शन भरते हैं, और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में सलाह देते हैं। वे फार्मेसियों, अस्पतालों, और क्लिनिकों में काम कर सकते हैं।
  • 3. लैब टेक्नीशियन- लैब टेक्नीशियन रक्त, ऊतक, और अन्य नमूनों के परीक्षण करते हैं। वे अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, और रिसर्च सेंटर में काम कर सकते हैं।

पैरामेडिकल कोर्स के विभिन्न प्रकार कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

  • 4. रेडियोलॉजिस्ट– रेडियोलॉजिस्ट एक्स-रे, सीटी स्कैन, और एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके रोगों का निदान करते हैं। वे अस्पतालों, इमेजिंग सेंटर, और डॉक्टरों के कार्यालयों में काम कर सकते हैं।
  • 5. पैरामेडिक– पैरामेडिक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं और घायल या बीमार लोगों को अस्पताल ले जाते हैं। वे एम्बुलेंस सेवाओं और बचाव दलों में काम कर सकते हैं।
  • 6. फिजियोथेरेपिस्ट- फिजियोथेरेपिस्ट चोटों और बीमारियों से उबरने वाले लोगों को शारीरिक गतिशीलता और ताकत हासिल करने में मदद करते हैं। वे अस्पतालों, क्लीनिकों, और खेल टीमों में काम कर सकते हैं।
  • 7. ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट- ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट उन लोगों को दैनिक कार्यों को करने में स्वतंत्र होने में मदद करते हैं जो चोट, बीमारी या विकलांगता से प्रभावित हैं। वे अस्पतालों, क्लीनिकों, और पुनर्वास केंद्रों में काम कर सकते हैं।
  • 8. स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट– स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट उन लोगों का मूल्यांकन और उपचार करते हैं जिन्हें बोलने, समझने या निगलने में कठिनाई होती है। वे अस्पतालों, क्लीनिकों, और स्कूलों में काम कर सकते हैं।

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पैरामेडिकल कोर्स लिस्ट – Paramedical Course List in hindi

Paramedical Course List in hindi

10वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स

  • सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी (ANM)– यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • फार्मासिस्ट असिस्टेंट– यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को दवाओं के बारे में जानकारी, प्रिस्क्रिप्शन भरने, और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में सलाह देने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • डेंटल असिस्टेंट– यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को दंत चिकित्सकों के साथ काम करने और रोगियों को दंत चिकित्सा देखभाल प्रदान करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • लैब टेक्नीशियन- यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को रक्त, ऊतक, और अन्य नमूनों के परीक्षण करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • ऑप्टोमेट्रिस्ट असिस्टेंट- यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को आंखों की जांच करने, चश्मे और कॉन्टेक्ट लेंस लगाने, और आंखों से संबंधित बीमारियों के बारे में जानकारी देने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स

  • जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM)- यह 3 साल का डिप्लोमा कोर्स है जिसमें छात्रों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, रोगियों की देखभाल, और दवाएं देने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • बैचलर ऑफ नर्सिंग (B.Sc Nursing)– यह 4 साल का स्नातक डिग्री कोर्स है जिसमें छात्रों को नर्सिंग के सभी पहलुओं में गहन प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • बैचलर ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (B.Pharm)- यह 4 साल का स्नातक डिग्री कोर्स है जिसमें छात्रों को दवाओं के बारे में जानकारी, प्रिस्क्रिप्शन भरने, और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में सलाह देने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)– यह 4 साल का स्नातक डिग्री कोर्स है जिसमें छात्रों को घायल या बीमार लोगों को शारीरिक गतिशीलता और कार्य करने की क्षमता वापस लाने में मदद करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT)– यह 4 साल का स्नातक डिग्री कोर्स है जिसमें छात्रों को घायल या बीमार लोगों को दैनिक जीवन की गतिविधियों को करने में स्वतंत्र होने में मदद करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

पैरामेडिकल कोर्सेस के लिए पात्रता – Eligibility for Paramedical Courses in hindi

Eligibility for Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल कोर्सेस में प्रवेश लेने के लिए, छात्रों को न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पूरी करनी होती है। यह योग्यता कोर्स और संस्थान के अनुसार भिन्न हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर, पैरामेडिकल कोर्सेस के लिए पात्रता निम्नलिखित है

शैक्षिक योग्यता

  • 10वीं पास– कुछ पैरामेडिकल कोर्सेस, जैसे कि फार्मासिस्ट सहायक और एएनएम, 10वीं पास छात्रों के लिए उपलब्ध हैं।
  • 12वीं विज्ञान- अधिकांश पैरामेडिकल डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेस के लिए 12वीं विज्ञान (बायोलॉजी) उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • 12वीं कला– कुछ पैरामेडिकल कोर्सेस, जैसे कि बी.एससी नर्सिंग, 12वीं कला के छात्रों के लिए भी उपलब्ध हैं।

अन्य पात्रता मानदंड

  • न्यूनतम अंक– विभिन्न कोर्सेस और संस्थानों में प्रवेश के लिए न्यूनतम अंकों की आवश्यकता भिन्न होती है। आमतौर पर, मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाता है, लेकिन कुछ संस्थानों में प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जा सकती है।
  • आयु सीमा– अधिकांश पैरामेडिकल कोर्सेस के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होती है।
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य– छात्रों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सक्षम होना चाहिए।

कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
  • चरित्र प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

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पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन – Admission in Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन का प्रोसेस विभिन्न संस्थानों में भिन्न हो सकता है, लेकिन कुछ सामान्य चरणों का पालन किया जाता है

Admission Enquiry

  • 1. योग्यता की जांच– सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप जिस कोर्स के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके लिए आप योग्य हैं। इसमें 10वीं या 12वीं में न्यूनतम अंक प्राप्त करना, विज्ञान विषयों का अध्ययन करना, और शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना शामिल हो सकता है।
  • 2. संस्थान का चुनाव– अपनी योग्यता के अनुसार, आपको उन पैरामेडिकल संस्थानों का चुनाव करना होगा जो आपके लिए उपयुक्त हों। आप विभिन्न संस्थानों की वेबसाइटों पर जाकर या उनसे संपर्क करके उनके पाठ्यक्रमों, शुल्क संरचना, और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

  • 3. आवेदन पत्र भरना– आपको संस्थान के निर्धारित आवेदन पत्र को भरना होगा और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। दस्तावेजों में आमतौर पर 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, चरित्र प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज शामिल होते हैं।
  • 4. प्रवेश परीक्षा– कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। यदि प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है, तो आपको इसमें उत्तीर्ण होना होगा।
  • 5. मेरिट लिस्ट– प्रवेश परीक्षा और 10वीं या 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर, संस्थान मेरिट लिस्ट तैयार करेगा। यदि आप मेरिट लिस्ट में शामिल होते हैं, तो आपको संस्थान द्वारा बुलाया जाएगा।
  • 6. काउंसलिंग– मेरिट लिस्ट के आधार पर, आपको संस्थान द्वारा काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। काउंसलिंग में, आपको विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जाएगी और आप अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार पाठ्यक्रम का चुनाव कर सकेंगे।
  • 7. शुल्क जमा– अपने चुने हुए पाठ्यक्रम के लिए शुल्क जमा करने के बाद, आपका एडमिशन कन्फर्म हो जाएगा।

कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • आवेदन पत्र भरने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि का ध्यान रखें।
  • यदि आप किसी विशेष संस्थान या पाठ्यक्रम में एडमिशन चाहते हैं, तो जल्द से जल्द आवेदन करें।
  • प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अच्छी तरह से अध्ययन करें।
  • काउंसलिंग में सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं।

पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ उपयोगी वेबसाइटें

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पैरामेडिकल कोर्स फीस – Paramedical Course Fees in hindi

पैरामेडिकल कोर्स चुनते समय, फीस एक महत्वपूर्ण कारक होता है। यह कोर्स की अवधि, संस्थान के प्रकार (सरकारी या निजी), और आपके चुने हुए क्षेत्र के आधार पर काफी भिन्न हो सकती है।

आम तौर पर, पैरामेडिकल कोर्स फीस कुछ इस प्रकार है

  • प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम (Certificate Courses)– ये कम अवधि के पाठ्यक्रम होते हैं और इनकी फीस ₹10,000 से ₹30,000 के बीच होती है।
  • डिप्लोमा पाठ्यक्रम (Diploma Courses)– ये 1 से 2 साल के पाठ्यक्रम होते हैं और इनकी फीस ₹35,000 से ₹40,000 प्रति सेमेस्टर के बीच होती है।
  • स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम (Bachelor’s Degree Courses)– ये 3 से 4 साल के पाठ्यक्रम होते हैं और इनकी फीस सरकारी कॉलेजों में लगभग ₹60,000 प्रति वर्ष से शुरू होती है, जबकि निजी कॉलेजों में यह राशि काफी अधिक हो सकती है।
  • कोर्स औसत फीस (प्रति वर्ष)
  • नर्सिंग डिप्लोमा ₹15,000 – ₹30,000
  • फार्मासिस्ट डिप्लोमा ₹10,000 – ₹25,000
  • लैब टेक्नीशियन डिप्लोमा ₹12,000 – ₹20,000
  • रेडियोलॉजिस्ट डिप्लोमा ₹18,000 – ₹35,000
  • पैरामेडिक डिप्लोमा ₹10,000 – ₹20,000
  • बीएससी नर्सिंग ₹25,000 – ₹50,000
  • बीफार्मा ₹20,000 – ₹40,000
  • बीएससी लैब टेक्नोलॉजी ₹22,000 – ₹45,000
  • बीएससी रेडियोलॉजी ₹28,000 – ₹60,000

पैरामेडिकल कोर्स फीस इन गवर्नमेंट कॉलेज – Paramedical Course Fees in Government Colleges in hindi

सरकारी कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स की फीस, निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम होती है। यह छात्रों के लिए एक बड़ा फायदा है, खासकर उन छात्रों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

क्या आपसरकारी कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स की फीस, कोर्स और कॉलेज के आधार पर भिन्न होती है। हालांकि, आमतौर पर, यह प्रति वर्ष ₹5,000 से ₹20,000 तक होती है। कुछ मामलों में, यह ₹30,000 तक भी हो सकती है।

सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के लिए, छात्रों को प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन संबंधित कॉलेज द्वारा किया जाता है।

सरकारी कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स की फीस कम होने के कुछ कारण

  • सरकारी कॉलेजों को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
  • सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ की लागत निजी कॉलेजों की तुलना में कम होती है।
  • सरकारी कॉलेजों का लक्ष्य शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना है।

यहां कुछ सरकारी कॉलेजों की सूची दी गई है जो पैरामेडिकल कोर्स प्रदान करते हैं

  • राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दिल्ली
  • मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली
  • उस्मानिया मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद
  • किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ
  • महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, इंदौर

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पैरामेडिकल कॉलेज लिस्ट – Paramedical College List in hindi

क्या आप पैरामेडिकल कोर्स करने का फैसला लेने के बाद, सबसे महत्वपूर्ण कदम सही कॉलेज का चुनाव करना होता है। भारत में कई सरकारी और निजी संस्थान पैरामेडिकल कोर्स प्रदान करते हैं। अपनी पसंद के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉलेज चुनने में आपकी मदद के लिए, यहाँ कुछ शीर्ष संस्थानों के नाम दिए गए हैं जिन्हें आप अपनी रिसर्च में शामिल कर सकते हैं (कृपया ध्यान दें कि यह एक संपूर्ण लिस्ट नहीं है)

  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), दिल्ली
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर
  • सैनानी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SGPGIMS), लखनऊ
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी

पैरामेडिकल कोर्स के लिए सिलेबस – Syllabus for Paramedical Courses in hindi

आप पैरामेडिकल कोर्स के लिए सिलेबस विशिष्ट कोर्स और संस्थान के आधार पर भिन्न होता है। लेकिन, सामान्य तौर पर, पैरामेडिकल कोर्स में निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं

1. बुनियादी विज्ञान

  • एनाटॉमी और फिजियोलॉजी
  • बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी
  • फार्माकोलॉजी और थेरेप्यूटिक्स
  • पैथोलॉजी

2. नर्सिंग

  • फंडामेंटल ऑफ नर्सिंग
  • मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग
  • चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग
  • मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग
  • कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग

3. क्लिनिकल विषय

  • फर्स्ट एड
  • इमरजेंसी मेडिसिन
  • ऑपरेशन थिएटर टेक्नीक
  • इमेजिंग टेक्नीक
  • लेबोरेटरी टेक्नीक

4. अन्य विषय

  • कम्युनिकेशन स्किल
  • इथिक्स एंड मेडिको-लीगल एस्पेक्ट्स
  • कंप्यूटर एप्लीकेशन

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पैरामेडिकल कोर्स कितने साल का होता है (paramedical course kitne saal ka hai)- How many years is the Paramedical Course in hindi

पैरामेडिकल कोर्स की अवधि कोर्स के प्रकार और संस्थान पर निर्भर करती है।

  • सर्टिफिकेट कोर्स– यह सबसे कम अवधि वाले पैरामेडिकल कोर्स होते हैं, जिनकी अवधि 6 महीने से 1 साल तक होती है।
  • डिप्लोमा कोर्स– इनकी अवधि 1 से 2 साल तक होती है।
  • बैचलर डिग्री कोर्स– यह सबसे लंबे अवधि वाले पैरामेडिकल कोर्स होते हैं, जिनकी अवधि 3 से 4 साल तक होती है।

कुछ लोकप्रिय पैरामेडिकल कोर्स और उनकी अवधि इस प्रकार है

  • ऑक्सीजन टेक्नीशियन– 6 महीने
  • फार्मासिस्ट असिस्टेंट– 1 साल
  • नर्सिंग सहायक– 1 साल
  • डेंटल असिस्टेंट– 1 साल
  • फिजियोथेरेपिस्ट असिस्टेंट- 1 साल
  • लैब टेक्नीशियन– 1 साल
  • एक्स-रे टेक्नीशियन- 1 साल
  • नर्सिंग– 3 साल
  • बी.एस.सी. नर्सिंग– 4 साल
  • बी.पी.टी.– 4 साल

पैरामेडिकल कोर्सेस के चयन के अवसर – Opportunities for choosing Paramedical Courses in hindi

पैरामेडिकल क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, और यह योग्य पेशेवरों की लगातार मांग पैदा कर रहा है। पैरामेडिक कोर्स करने के बाद, आपके पास विभिन्न प्रकार के चयन के अवसर मौजूद हैं। आप सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, पैथ लैब, रिसर्च संस्थानों और यहां तक ​​कि एम्बुलेंस सेवाओं में भी काम कर सकते हैं।

कुछ लोकप्रिय चयन के अवसरों में शामिल हैं

  • नर्सिंग– अस्पतालों और क्लीनिकों में रोगियों की देखभाल करना, दवाएं देना और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करना।
  • फार्मासिस्ट– दवाओं के बारे में मरीजों को सलाह देना, प्रिस्क्रिप्शन भरना और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में जानकारी देना।
  • लैब टेक्नोलॉजिस्ट– रक्त, ऊतक और अन्य नमूनों का परीक्षण करना और परिणामों का विश्लेषण करना।
  • रेडियोलॉजिस्ट टेक्नोलॉजिस्ट– एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके चिकित्सकों की सहायता करना।
  • ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजिस्ट– सर्जरी के दौरान सर्जनों की सहायता करना।

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पैरामेडिकल साइंस में डिप्लोमा कोर्स – Diploma Course in Paramedical Science in hindi

क्या आप पैरामेडिकल साइंस में डिप्लोमा कोर्स उन छात्रों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प हैं जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। ये कोर्स 10वीं या 12वीं के बाद किए जा सकते हैं और इनकी अवधि 1 से 2 साल तक होती है। डिप्लोमा कोर्स में छात्रों को मानव शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, रोग विज्ञान, फार्माकोलॉजी, और नर्सिंग जैसे विषयों का अध्ययन करने का अवसर मिलता है।

आप पैरामेडिकल साइंस में डिप्लोमा कोर्स करने के कुछ लाभ

  • कम समय में पूरा होता है– डिप्लोमा कोर्स स्नातक डिग्री की तुलना में कम समय में पूरे किए जा सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो जल्दी से काम करना शुरू करना चाहते हैं।
  • अच्छी नौकरी के अवसर– डिप्लोमा करने वाले छात्रों को अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, और अन्य स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में विभिन्न पदों पर नौकरी मिल सकती है।
  • विभिन्न प्रकार के करियर विकल्प- डिप्लोमा करने के बाद छात्र विभिन्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं, जैसे कि नर्सिंग, फार्मेसी, लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, और कार्डियक टेक्नोलॉजी।
  • अपेक्षाकृत कम खर्चीला- डिप्लोमा कोर्स स्नातक डिग्री की तुलना में कम खर्चीले होते हैं।

पैरामेडिकल साइंस में कुछ लोकप्रिय डिप्लोमा कोर्स

  • डिप्लोमा इन नर्सिंग (GNM)– यह डिप्लोमा कोर्स छात्रों को रोगियों की देखभाल करने, दवाएं देने, और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
  • डिप्लोमा इन फार्मेसी- यह डिप्लोमा कोर्स छात्रों को दवाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने, प्रिस्क्रिप्शन भरने, और दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में सलाह देने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
  • डिप्लोमा इन लैब टेक्नोलॉजी– यह डिप्लोमा कोर्स छात्रों को रक्त, ऊतक, और अन्य नमूनों के परीक्षण करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
  • डिप्लोमा इन रेडियोलॉजी– यह डिप्लोमा कोर्स छात्रों को एक्स-रे, सीटी स्कैन, और एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग करके रोगों का निदान करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
  • डिप्लोमा इन पैरामेडिक– यह डिप्लोमा कोर्स छात्रों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने और घायल या बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।

पैरामेडिकल कोर्सेस की शिक्षा प्रक्रिया – Education Process of Paramedical Courses in hindi

क्या आप पैरामेडिकल कोर्सेस की शिक्षा प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के शिक्षण और मूल्यांकन विधियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें शामिल हैं

  • थ्योरी क्लासेस– इन कक्षाओं में छात्रों को पैरामेडिकल विज्ञान के विभिन्न विषयों जैसे एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, और माइक्रोबायोलॉजी के बारे में सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।
  • प्रैक्टिकल क्लासेस- इन कक्षाओं में छात्रों को विभिन्न मेडिकल उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करना सिखाया जाता है। छात्र रोगियों पर परीक्षण और उपचार करने का अभ्यास भी करते हैं।
  • क्लिनिकल इंटर्नशिप- पैरामेडिकल कोर्स के अंतिम भाग में छात्रों को अस्पतालों या क्लीनिकों में इंटर्नशिप करनी होती है। इंटर्नशिप के दौरान, छात्र वास्तविक रोगियों के साथ काम करते हैं और अपनी शिक्षा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
  • प्रोजेक्ट और असाइनमेंट- छात्रों को विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट और असाइनमेंट दिए जाते हैं ताकि वे अपनी समझ और कौशल का मूल्यांकन कर सकें।
  • परीक्षाएं– कोर्स के दौरान और अंत में छात्रों को लिखित और मौखिक परीक्षाएं देनी होती हैं।

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पैरामेडिकल सैलरी – Paramedical Salary in hindi

पैरामेडिकल कोर्स करने के इच्छुक छात्र अक्सर वेतन (salary) के बारे में भी जानकारी लेना चाहते हैं। पैरामेडिकल पेशेवरों की कमाई कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि उनका विशेषज्ञता क्षेत्र (specialization), अनुभव (experience), कार्यस्थल (workplace), और स्थान (location)।

आम तौर पर, भारत में शुरुआती पैरामेडिकल स्नातक ₹15,000 से ₹20,000 प्रति माह तक कमा सकते हैं। अनुभवी पेशेवरों का वेतन ₹30,000 से ₹60,000 प्रति माह तक पहुंच सकता है। कुछ विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों, जैसे कि क्रिटिकल केयर (critical care) या ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजिस्ट (operation theatre technician), में वेतन और भी अधिक हो सकता है।

अगर आप किसी सरकारी अस्पताल या संस्थान में काम करते हैं, तो वेतन थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन आपको सरकारी नौकरी के अन्य लाभ मिलेंगे, जैसे कि पेंशन (pension) और चिकित्सा बीमा (medical insurance)। निजी अस्पताल और क्लीनिक आमतौर पर सरकारी संस्थानों की तुलना में अधिक वेतन देते हैं।

इंटीरियर डिजाइन पाठ्यक्रम 12 वीं के बाद | Interior design courses after 12th in hindi

निष्कर्ष – Conclusion

संक्षेप में, 12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाने का एक शानदार विकल्प है। ये कोर्स अपेक्षाकृत कम समय में पूरे हो जाते हैं, किफायती होते हैं और अच्छी नौकरी के अवसर प्रदान करते हैं। विभिन्न प्रकार के पैरामेडिकल कोर्स उपलब्ध हैं, जिससे आप अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार अपना रास्ता चुन सकते हैं। यदि आप चिकित्सा क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, लोगों की मदद करना चाहते हैं, और एक सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स आपके लिए एकदम सही विकल्प हो सकते हैं।

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12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q . पैरामेडिकल कोर्स कौन कर सकता है?

Ans. पैरामेडिकल कोर्स 10वीं या 12वीं पास करने वाले किसी भी छात्र द्वारा किए जा सकते हैं। कुछ कोर्स के लिए न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है, जबकि अन्य में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है।

Q. पैरामेडिकल कोर्स की फीस कितनी है?

Ans.भारत में पैरामेडिकल कोर्स की औसत फीस इस प्रकार है
डिप्लोमा- ₹10,000 से ₹50,000 प्रति वर्ष
स्नातक- ₹20,000 से ₹1 लाख प्रति वर्ष
पोस्ट ग्रेजुएशन- ₹50,000 से ₹2 लाख प्रति वर्ष

Q. पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए योग्यता क्या है?

Ans .पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए योग्यता कोर्स के आधार पर भिन्न होती है।
डिप्लोमा कोर्स- आमतौर पर 12वीं (विज्ञान या कला) में कम से कम 50% अंक होना आवश्यक है।
स्नातक कोर्स- 12वीं (विज्ञान) में कम से कम 60% अंक होना आवश्यक है।
अन्य कोर्स- योग्यता 10वीं या 12वीं पास हो सकती है, जिसके साथ विज्ञान या कला विषय हो।

Q. पैरामेडिकल कोर्स करने से क्या लाभ होते हैं?

Ans. पैरामेडिकल कोर्स करने से कई लाभ होते हैं, जिनमें शामिल हैं
रोजगार के अवसर- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं।
आय- पैरामेडिकल पेशेवरों को अच्छा वेतन मिलता है।
सम्मान- पैरामेडिकल पेशेवरों को समाज में सम्मान दिया जाता है।
कौशल विकास- पैरामेडिकल कोर्स आपको जीवन रक्षक कौशल प्रदान करते हैं।
करियर में उन्नति- आप आगे की पढ़ाई करके या विशेषज्ञता प्राप्त करके अपने करियर में उन्नति कर सकते हैं।

Q. पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद क्या होता है?

Ans. पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद आप अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य विभागों, रिसर्च सेंटर्स, और शिक्षण संस्थानों में काम कर सकते हैं।

इंटीरियर डिजाइन पाठ्यक्रम 12 वीं के बाद | Interior design courses after 12th in hindi

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